गणना 25 (HCV)

मोआब से इस्राएल को लुभाना
1जब इस्राएली शित्तीम में डेरे डाले हुए थे, तब वे मोआब की उन युवतियों के साथ कुकर्म करने लगे, 2जिन्होंने उन्हें देवताओं के लिए बलि अर्पणों में आमंत्रित करना शुरू कर दिया था. इस्राएलियों ने उनके देवताओं के सामने भोजन करना एवं दंडवत करना शुरू कर दिया था. 3इस प्रकार इस्राएलियों ने पेओर के बाल के साथ स्वयं को जोड़ लिया था. इससे यहोवाह इस्राएल पर क्रोधित हो गए.
4यहोवाह ने मोशेह को आज्ञा दी, “दिन के प्रकाश में यहोवाह के सामने सारी प्रजा के प्रधानों को फांसी दे दीजिए, ताकि इस्राएल पर से यहोवाह का भड़का हुआ क्रोध शांत हो सके.”
5फिर मोशेह ने इस्राएल के न्यायियों को आदेश दिया, “आप लोगों में से हर एक अपने-अपने गोत्र के ऐसे हर एक व्यक्ति को मार डालिए जो पेओर के बाल के भक्त हो चुके हैं.”
6उसी समय यह देखा गया: सारी इस्राएली प्रजा एवं मोशेह के देखते-देखते, जब वे सब मिलनवाले तंबू के द्वार के सामने रो रहे थे, तब एक इस्राएली व्यक्ति अपने संबंधियों के सामने एक मिदियानी स्त्री ले आए. 7जब पुरोहित अहरोन के पौत्र एलिएज़र के पुत्र फिनिहास ने यह देखा, तब वह सारी सभा के सामने उठे, अपने हाथ में एक बर्छी ली, 8उस शिविर के भीतर जाकर उन इस्राएली पुरुष तथा मिदियानी स्त्री, दोनों को बेध डाला, बर्छी दोनों ही की देह को बेध कर पेट में से पार निकल गई. इससे इस्राएल पर आई यह महामारी थम गई; 9महामारी से मरने वालों की संख्या 24,000 पहुंच गई.
10यहोवाह ने मोशेह पर यह सत्य प्रकट किया, 11“पुरोहित अहरोन के पुत्र एलिएज़र के पुत्र फिनिहास ने इस्राएल के घराने पर भड़के मेरे क्रोध को शांत कर दिया है. उन लोगों के बीच वही थे जिनमें वही जलन थी, जो मुझमें थी. इसलिए मैंने अपनी जलन में इस्राएल के घराने को नाश नहीं कर डाला. 12आप उन्हें सूचित करिए: यह समझ लीजिए कि मैं उनके साथ अपनी शांति की वाचा स्थापित कर रहा हूं. 13इसका संबंध उनसे तथा उनके वंशजों से है, यह सदा के लिए पुरोहित पद की वाचा है, क्योंकि उनमें उनके परमेश्वर के लिए जलन थी. उन्होंने इस्राएल के घराने के लिए प्रायश्चित पूरा कर दिया है.”
14उन इस्राएली व्यक्ति का नाम, जिनको उन मिदियानी स्त्री के साथ मारा गया था, ज़िमरी था, जिनके पिता सालू थे, जो शिमओन के गोत्र से उनके घराने के प्रधान थे. 15उन मारी गई मिदियानी स्त्री का नाम कोज़बी था, वह ज़ुर नामक व्यक्ति की पुत्री थीं, जो मिदियानी प्रजा में घराने के प्रधान थे.
16इसके बाद यहोवाह ने मोशेह को आज्ञा दी, 17“मिदियानियों के प्रति शत्रुता बनाए रखिए तथा उनका नाश कर दीजिए. 18क्योंकि वे आप लोगों साथ छल करते हुए आप लोगों के शत्रु बने रहे हैं, इसी के विषय में उन्होंने पेओर की घटना में आप लोगों से छल किया तथा कोज़बी, मिदियानी प्रधान की पुत्री के संदर्भ में भी, जो उनकी जाति की थीं, जिन्हें पेओर की घटना के कारण महामारी के दिन मारा गया था.”